खबर माफिया मन काकरो पाछू परथे त जोंख कस चटक जाथे ---- समारू पहारू के गोठ
संवाद यात्रा/जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़/अनंत थवाईत
समारू पहारू के गोठ
समारू.....भइया आजकल समाचार म माफिया शब्द हर छाय हावय.
पहारू.....वो कइसे भाई?
समारू..…अब देख न भइया कुछु भी अवैध कारोबार के समाचार छपत हावय त ओमा माफिया शब्द हर सरलग जुरत हावय ,रेत माफिया,शराब माफिया,दवा माफिया, कोयला माफिया.चावल माफिया, तबादला माफिया,नकल माफिया ,डीजल माफिया,भू- माफिया , रेल टिकट माफिया अइसने कतको शब्द पढ़े बर आउ सुने बर मिलथे कतेक ल सुरता करंव ?
पहारू.....त तोला का करे बर हे? तोला कुछु परेशानी हे का?
समारू.....मोला परेशानी नइ हे फेर समाचार पढ़ के ओमन के रंग ढंग ल देख के मोर मन म एक बिचार आवत हे कि संगठित होके सूचना के अधिकर के गलत उपयोग करइया येड़हा बेड़हा समाचार लिखइया पत्रकार मन ल महूं खबर माफिया कहंव .
पहारू.....खबर बिसइया आउ खबर बेचइया,( पइसा दे के सुचना के अधिकार के नाव म जानकारी मांगना आउ वो जानकारी ल बेचना यानि ब्लेक मेल करना) ये खबर माफिया मन के बारे म तोर बिचार हर सिरतो म सुग्घर हे भाई लेकिन मोर सलाह हे तैं ये चक्कर म झन पड़ काबर कि तैं सब माफिया मन करा लड़े सक जाबे फेर ये खबर माफिया मन करा नइ सकस प्रजातंत्र के चौथा स्तंभ म हमला करे के आरोप म तोर बुता बना डारहि पुलिस मेर अपन गठजोर के कारन ये खबर माफिया मन तोला जेल भी भेजवा दिहि.ये मन काकरो पाछु परथे त जोंख कस चटक जाथें .










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