खुदाई मे पुरातत्व की निशानी ही नहीं बल्कि अतिक्रमण की कहानी भी जीवंत हो जाती है.
संवाद यात्रा/जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़/अनंत थवाईत
उपरोक्त तस्वीर सुभाष चौक चांपा (अखरा घाट) के पास की है .इस स्थान पर नाली पुर्ननिर्माण (न.पा.के अनुसार नवनिर्माण) के लिए खुदाई की गई है. इस स्थान के बारे मे बुजुर्ग बताते हैं कि यहां पहले एक नाला था जो अखराघाट के पास हसदो नदी मे जाकर मिलता था. लेकिन समय के साथ साथ यह नाला एक इतिहास बन गया है और वहां आलीशान भवन सुशोभित है.
खुदाई के बाद इस स्थान को गौर से देखने पर बुजुर्गों द्वारा बताए गए नाले की बात सच लगता है.खैर....! इस स्थान के वैध ,अवैध निर्माण जैसे सवालों मे न उलझते हुए हम तो केवल इतना ही कहेंगे कि खुदाई के दौरान पुरातत्व की निशानी ही नहीं बल्कि अतिक्रमण की कहानी भी जीवंत हो जाती है.











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