सुधा -गागरी हिंदी : हिंदी दिवस पर महेश राठौर की कविता ।

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सुधा-गागरी हिंदी : महेश राठौर की कविता 

      

सुधा-गागरी

रूप आगरी

देवनागरी,

देवनागरी।


सुंदर - सुंदर  अक्षर - अक्षर;

सुंदर व्यंजन, सुंदर हर स्वर।

इनमें  दिखते सबको  ईश्वर;

ब्रह्मा,  विष्णु  और  महेश्वर।


वेदों की यह

मृदु पराग री।


गंग - सलिला    हिंदी   रानी,

शीतल,पावन जिसका पानी।

नहीं  कहीं  है  इसका  सानी; 

सारे   जग   में जानी - मानी।


हिंदी     जंगम

शुचि प्रयाग री।

                            महेश राठौर 'मलय'

                        जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

              



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